मुझे आप लोग माफ कर दीजिए क्योंकि मैनें कुछ महीनों से कोई पोस्ट अपने ब्लाग पर नहीं डाली, लेकिन उसकी वजह है मेरी परीक्षाएं। एक महीना भी नहीं बीतता है की परीक्षाएं दुबारा शुरू हो जातीं है।
वैसे मैं ये बात करना चाह रही थी की जो माँ हमें पालती-पोसती है, उसे हम लोग बहुत प्यार करतें हैं, पर क्या किसी ने आजतक हमारी धरती माँ के बारे में सोचा है...? क्या किसी नें आजतक उनकी सुंदरता बिगड़ते हुए देखा है..? हाँ सबने देखा है, पर किसी ने ये नहीं सोचा कि जो हमारी धरती माँ को बिगाड़ रहा है उसे हम समझाएँ की आप ऐसा मत करिये। ऐसा करनें से हमें और हमारी धरती माँ को नुकसान पहुँच रहा है। लेकिन नहीं, उलटा वो ही उन्हें कूड़ा-कचड़ा से भर कर कहता है की मै मेरी धरती माता को गंदा नहीं होनें दूंगा।
मैं जानती हूँ कि ऐसा होना आसान नहीं है। पर आप थोड़ी-बहुत कोशिश कर सकतें है।
Here are some tips -
At home:
|
Waste water
|
Over 1.8 billion tonnes of waste are generated each year in Europe. This equals to 3.5 tonnes per person.
